डिजिटल स्वास्थ्य में राजस्थान की छलांग: 7.19 करोड़ ABHA खातों के साथ देश में दूसरा स्थान

 डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति में राजस्थान की बड़ी छलांग: 7.19 करोड़ आभा खातों के साथ देश में दूसरा स्थान


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहा है। तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राजस्थान ने 7 करोड़ 19 लाख से अधिक आभा (ABHA) हेल्थ आईडी बनाकर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।


यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रदेश में विकसित हो रही नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था की सफलता का प्रमाण है। इससे गांव-ढाणी से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है।


क्या है आभा आईडी?


आभा (Ayushman Bharat Health Account) एक 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान संख्या है, जो नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहित और प्रबंधित करने में मदद करती है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज, लैब रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्चियां और चिकित्सा इतिहास को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकता है।


आभा आईडी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नागरिक की अनुमति के बिना उसके स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक कोई भी पहुंच नहीं बना सकता। इससे डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।


राजस्थान क्यों बना अग्रणी?


राजस्थान सरकार ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को प्रभावी रूप से लागू करते हुए सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में करोड़ों नागरिक आभा आईडी से जुड़ चुके हैं।


आज मरीजों को अपने साथ कागजी रिकॉर्ड लेकर अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। मोबाइल फोन पर उपलब्ध डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड के माध्यम से डॉक्टरों को मरीज की मेडिकल हिस्ट्री तत्काल उपलब्ध हो जाती है, जिससे समय पर और सटीक उपचार संभव हो पाता है।


देशभर में बढ़ रहा डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्क


देश में आभा खातों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2021 में जहां इनकी संख्या 14.7 करोड़ थी, वहीं 2026 में यह आंकड़ा 90 करोड़ से अधिक हो चुका है। यह दर्शाता है कि भारत तेजी से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


इस बढ़ती संख्या के साथ नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, सुविधा और बेहतर समन्वय का लाभ मिल रहा है।


आईएचएमएस की महत्वपूर्ण भूमिका


राजस्थान में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने में इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम (IHMS की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह एक ABDM-कम्प्लायंट सॉफ्टवेयर है, जिसके माध्यम से मरीजों की आभा आईडी को उनके इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) से जोड़ा जाता है।


इस प्रणाली से डॉक्टरों को मरीज की पुरानी रिपोर्ट और उपचार संबंधी जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाती है, जिससे बेहतर चिकित्सा निर्णय लिए जा सकते हैं।


स्वास्थ्य सेवाओं का नया युग


आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से राजस्थान स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार को अपनाते हुए नागरिकों को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। 7.19 करोड़ आभा खातों के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त करना इस बात का संकेत है कि प्रदेश डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।


डिजिटल स्वास्थ्य पहचान, सुरक्षित मेडिकल रिकॉर्ड और तकनीक आधारित सेवाओं के माध्यम से राजस्थान एक ऐसे स्वास्थ्य तंत्र की ओर बढ़ रहा है, जहां हर नागरिक को समय पर, सटीक और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके। 


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