राजस्थान का नया औद्योगिक युग: औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान अपनी पारंपरिक पहचान से आगे बढ़कर अब एक 'फ्यूचर-रैडी' इंडस्ट्रियल हब बनने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने हाल ही में राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 जारी की है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश को निवेश के लिए विश्व स्तरीय गंतव्य बनाना है।
यह नीति न केवल व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देती है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को भी धरातल पर उतारने का प्रयास है।
औद्योगिक विकास के 4 प्रमुख मॉडल
इस नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चार अलग-अलग विकास मॉडल पेश किए गए हैं:
मॉडल-A: रीको (RIICO) द्वारा आवंटित भूमि पर निजी डेवलपर द्वारा पूर्ण विकास।
मॉडल-B: 80% भूमि विकासकर्ता की और 20% भूमि रीको द्वारा निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
मॉडल-C: संपूर्ण भूमि की व्यवस्था स्वयं विकासकर्ता द्वारा की जाएगी।
मॉडल-D: यह पूरी तरह से PPP (Public-Private Partnership) मॉडल पर आधारित होगा।
अनिवार्य शर्त: किसी भी निजी औद्योगिक पार्क के लिए कम से कम 50 एकड़ क्षेत्रफल और न्यूनतम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना आवश्यक होगी।
हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण
राजस्थान सरकार ने औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन (Green Growth) पर भी विशेष ध्यान दिया है:
प्रदूषण नियंत्रण: साझा अपशिष्ट उपचार संयंत्र (CETP) पर होने वाले खर्च की 50% प्रतिपूर्ति (अधिकतम 12.5 करोड़ रुपये) सरकार करेगी।
पूंजीगत अनुदान: पहले 10 पार्क डेवलपर्स को बुनियादी ढांचे के विकास पर 20% तक का अनुदान मिलेगा, जो क्षेत्रफल के आधार पर 20 करोड़ से 40 करोड़ रुपये तक हो सकता है।
बुनियादी ढांचा, सरकारी सहायता और सिंगल विंडो
उद्योगों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ कर रही है। कनेक्टिविटी के लिए संपर्क मार्ग निर्माण के खर्च का 60% हिस्सा सरकार वहन करेगी। जल और विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
सिंगल विंडो क्लीयरेंस: अब उद्यमियों को फाइलों के पीछे भागने की जरूरत नहीं है। 'राज निवेश पोर्टल' के माध्यम से समयबद्ध निस्तारण और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
RIPS-2024: द 'बोनस' पैकेज जो निवेश को बनाता है और भी आकर्षक
इस नीति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक है राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS-2024) के साथ इसका तालमेल। औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति के तहत मिलने वाले लाभों के अतिरिक्त, उद्यमियों को RIPS-2024 के अंतर्गत विशेष बोनस प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं।
विशेषकर प्लग-एंड-प्ले ऑफिस कॉम्प्लेक्स और कॉमन यूटिलिटी सेंटर (साझा उपयोगिता केंद्र) विकसित करने वाले डेवलपर्स के लिए RIPS-2024 के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन सम्मिलित हैं।
RIPS-2024 के प्रमुख 'सुपर-बूस्टर' लाभ:
विद्युत शुल्क में भारी छूट: यदि औद्योगिक पार्क में कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा (खुद का सोलर या विंड प्लांट) का उपयोग किया जाता है, तो RIPS-2024 के तहत 7 वर्षों तक 100% विद्युत शुल्क की छूट मिलेगी।
लागत में कमी: व्यापार शुरू करने की शुरुआती लागत को कम करने के लिए स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) और कन्वर्जन शुल्क (Conversion Charges) में 25% की छूट का प्रावधान है।
आधुनिक बुनियादी ढांचे पर फोकस: जो डेवलपर्स 'प्लग-एंड-प्ले' सुविधाओं (यानी तैयार ऑफिस स्पेस जहां बस आकर काम शुरू करना हो) का निर्माण करेंगे, उन्हें RIPS-2024 के अंतर्गत विशेष वित्तीय सहायता और सब्सिडी मिलेगी, जिससे उनका निवेश सुरक्षित और लाभप्रद बनेगा।
निष्कर्ष
राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 और RIPS-2024 का संयोजन राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक "गेम चेंजर" है। यह न केवल निवेशकों के लिए जोखिम कम करता है, बल्कि उन्हें हरित विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित भी करता है। "राइजिंग, रिलायबल एण्ड रिसेप्टिव राजस्थान" का यह दृष्टिकोण निश्चित रूप से मरूधरा को औद्योगिक मानचित्र पर शीर्ष पर ले जाएगा।
